Animal Disease. इसे लंगड़ा बुखार या ब्लैक भी कहते हैं. यह बीमारी तेजी से फैलने वाली और बहुत अधिक घातक है. यह आमतौर पर भैंस, भेड़ और बकरी को होती है. 6 से 24 महीने की आयु के बीच अच्छे शरीर वाले ज्यादातर पशु इस बीमारी की चपेट में आते हैं.

यह मिट्टी के द्वारा फैलने वाली बीमारी है, जो आमतौर पर बरसात के दिनों में होती है. यह बीमारी देश में कभीकभी एक या 2 पशुओं में पाई जाती है. इस से पशु की 12 से 48 घंटे के अंदर मौत हो जाती है. लंगडि़या बुखार दूषित आहार खाने व घाव के कारण फैलता है.

लक्षण:

बीमार पशु में बुखार, भूख न लगना, जुगाली न करना, अवसाद और सुस्ती दिखाई देती है. पशु को सांस लेने में कठिनाई होती है, दिल और नाड़ी की गति बढ़ जाती है. पीठ और कंधे पर सूजन और पैर में लंगड़ापन आ जाता है.

उपचार व रोकथाम:

बरसात में पशुओं की उचित देखभाल और आवास का सही इंतजाम करना चाहिए. बरसात शुरू होने से पहले ही ब्लैक क्वाटर वैक्सीन के टीके लगवाने चाहिए. बीमारी की शुरुआत होते ही पशु डाक्टर को बताएं और उन के द्वारा बताई बातों का सख्ती से पालन करें. डाक्टर की सलाह पर पैनिसिलीन को मांसपेशियों में 5 से 6 दिन तक देना चाहिए.Animal Disease

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