Fishing Banned: सरकार का बड़ा फैसला. समुद्री मछली पकड़ने पर 61 दिनों के लिए लगी रोक. अगर किया उल्लंघन तो मिलेगी सजा, लगेगा भारी जुर्माना. जी हां, ओडिशा सरकार ने 15 अप्रैल से 14 जून तक 61 दिनों के लिए राज्य में समुद्री मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस प्रतिबंध के मछुआरों के लिए क्या है माने?
सरकार ने मछली पकड़ने पर लगाई रोक (Fishing Banned) : नियम न मानने पर लगेगा जुर्माना, नाव होंगी जब्त
ओडिशा सरकार ने राज्य के 484 किलोमीटर लंबे तट पर 15 अप्रैल से 14 जून, 2026 तक मछली पकड़ने पर 2 महीने का प्रतिबंध लागू कर दिया है.
यह नियम ओडिशा मरीन फिशिंग रेगुलेशन एक्ट और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत प्रभावी किया गया है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी मछुआरा या समूह इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इसके तहत न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि मछली पकड़ने वाली नौकाओं और जहाजों को भी जब्त कर लिया जाएगा.
सरकार ने क्यों लगाई रोग
मत्स्य विभाग (समुद्री) के संयुक्त निदेशक रबी नारायण पटनायक के अनुसार, विभाग में पंजीकृत 6,000 से अधिक यांत्रिक जहाजों, जिनमें 1,726 ट्रॉलर शामिल हैं, को समुद्र में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
सरकार का कहना है कि यह कदम मछुआरों के ही हित में ही लिया गया है क्योंकि यह समय मछलियों के प्रजनन काल का होता है. ऐसे में इस सीमित समय में मछली न पकड़ने से आने वाले समय में मछली उत्पादन बेहतर होगा, जिससे मछुआरों की आमदनी कही अधिक बढ़ जाएगी.
ये होगा फायदा
-अप्रैल-जून में 80 फीसदी समुद्री मछली अंडे देती है इसलिए इस समय मछली पकड़ने पर अगले साल मछली उत्पादन अच्छा नहीं मिलेगा.
-इसके अलावा कछुओं का भी सरंक्षण होता है.
यह रोक लगने से मछली उत्पादन 3 टन से बढ़कर 5 टन प्रति हेक्टेयर करने का लक्ष्य है.
मछुआरों को मिलती है सरकार मदद
मछली पकड़ने पर रोक लगने से 10,600+मछुआरा परिवार प्रभावित होते हैं. इनके लिए सरकार से मिलती है सीधी मदद :
-ओडिशा सरकार कछुआ बैन से प्रभावित हर परिवार को 15,500 रुपए एकमुश्त देती है.
-PMMSY राहत के तहत : 61 दिन के बैन में पारंपरिक मछुआरों को 4,500 रुपए… 1,500 केंद्र, 1,500 राज्य, 1,500 खुद का योगदान.
इसके अलावा बीमा का लाभ भी मिलता है. हालांकि, छोटी नाव और बिना इंजन वाली पारंपरिक डोंगी को कुछ जिलों में छूट मिलती है.
ओडिशा सरकार का मछुआरों के लिए उठाया गया यह कदम उनकी आजीविका को मजबूती देने के लिए ही उठाया गया है, क्योंकि यह कुछ दिन मछलियों के प्रजनन काल के लिए खास होते हैं ताकि आने वाले समय में बंपर मछली उत्पादन हो सके. हालांकि, मछुआरों के लिए राज्य सरकार द्वारा उन्हें आर्थिक मदद भी देने का काम भी करती है.





