GRAM 2026 Investor Meet : नई दिल्ली के सम्मेलन कक्ष में केवल औपचारिक संवाद नहीं हो रहे थे, बल्कि भविष्य की खेती की दिशा पर गंभीर मंथन दिखाई दे रहा था. विभिन्न देशों के ट्रेड प्रतिनिधि, एग्री-उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक, वैज्ञानिक और नीति निर्माता जब एक मंच पर जुटे, तो स्पष्ट था कि यह केवल निवेशकों की बैठक नहीं, बल्कि कृषि परिवर्तन का प्रारूप है.

कृषि निवेश को वैश्विक नजरिए से देखने की कोशिश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कनाडा, रूस, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ब्राजील, वियतनाम और अर्जेंटीना के प्रतिनिधियों से कृषि निवेश और तकनीकी सहयोग पर विस्तृत चर्चा की. बातचीत में आधुनिक खेती, कृषि प्रसंस्करण , कृषि निर्यात और किसानों की आय बढ़ाने के ठोस अवसरों पर जोर रहा.

यह महसूस हुआ कि राजस्थान खुद को केवल कृषि उत्पादन वाले राज्य के रूप में नहीं, बल्कि कृषि निवेश के लिए बेहतरीन अवसर युक्त राज्य के रूप में स्थापित करना चाहता है.

ड्रोन, पराली प्रबंधन और मेथेनॉल तक पहुंची चर्चा

नई दिल्ली में GRAM 2026 Investor Meet में वन-टू-वन बैठकों का सबसे दिलचस्प पक्ष यह रहा कि चर्चा परंपरागत कृषि तक सीमित नहीं रही. रूस की ड्रोन तकनीक, कनाडा का पराली प्रबंधन मॉडल, ब्राजील की तरह सोयाबीन विस्तार और मक्का से मेथेनॉल उत्पादन जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श हुआ.

इससे संकेत मिला कि खेती अब तकनीक, ऊर्जा और उद्योग से जुड़ा बहुआयामी क्षेत्र बन रही है.

GRAM-2026: सिर्फ आयोजन नहीं, एक साझा मंच

बैठक में बार-बार यह बात उभरकर आई कि 23-25 मई को जयपुर में होने वाला ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि किसान, वैज्ञानिक, निवेशक और नीति निर्माताओं को साथ लाने वाला मंच होगा.

विशेष सत्रों, जाजम चौपाल, महिला उद्यमिता, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित चर्चाओं का उल्लेख बताता है कि आयोजन बहुस्तरीय होगा.

राजस्थान की कृषि विविधता बनी निवेश का आधार

बाजरा, सरसों, तिलहन, जौ, ग्वार, ईसबगोल और जीरे जैसे उत्पादों को निवेश अवसरों से जोड़ा गया. फूड प्रोसेसिंग, स्पाइस पार्क और एग्री-एक्सपोर्ट पर जोर यह दिखाता है कि सरकार मूल्य संवर्धन आधारित कृषि मॉडल पर आगे बढ़ना चाहती है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि, कृषि क्षेत्र में 44 हजार करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए हैं, जिनमें हजारों करोड़ का निवेश जमीन पर उतर चुका है. यह तथ्य निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत था. ‘सशक्त किसान, समृद्ध भारत’ के विजन को राज्य में धरातल पर साकार करने के लिए ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट(ग्राम)-2026 (GRAM 2026 Investor Meet) बड़ा मंच साबित होगा. इस आयोजन का उद्देश्य किसानों, कृषि विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक साथ लाकर कृषि प्रौद्योगिकी के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने क्या कहा

उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार उद्यमियों को निवेश अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर कृषि क्षेत्र में करीब 44 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए, जिनमें से 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर भी चुका है. ग्राम-2026 इसी निवेश यात्रा को और आगे ले जाने का मंच है.

केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री का क्या है कहना

केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि जब कृषि लाभदायक होगी, तभी देश का सही मायने में विकास होगा. राजस्थान साहस और नवाचार की भूमि है. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान सरकार कृषि लागत में कमी और उन्नत तकनीक के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि, वैज्ञानिक प्रदेश की भौगोलिक आवश्यकतानुसार कृषि के लिए आवश्यक एवं सुलभ तकनीक विकसित करें.

डॉ. किरोड़ी लाल ने किया संबोधित

राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि, ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM 2026 Investor Meet) के तहत अहमदाबाद, हैदराबाद एवं पुणे सहित देश के कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. देश के कृषकों को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए आयोजित ‘ग्राम’ एकीकृत अंतर्राष्ट्रीय मंच है, जहां नीति निर्माता, वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे.

GRAM 2026 Investor Meet

कई दिग्गज हुए सम्मिलित

कार्यक्रम में ‘ग्राम- 2026’ (GRAM 2026 Investor Meet) पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया. इस दौरान जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार, राजस्थान किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी.आर. चौधरी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक श्री एम.एल. जाट, कृषि विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल, फिक्की के महासचिव श्री अनन्त स्वरूप सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमीगण, निवेशकगण, विशेषज्ञ एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे.

खेती के साथ जुड़ी गतिविधियों पर भी फोकस

इस मीट में कृषि को केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा गया. डेयरी, मछली पालन, पशुपालन, प्रोसेसिंग यूनिट, वेयरहाउसिंग और सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पर विशेष चर्चा हुई. 65 हजार से अधिक सौर पंप संयंत्रों की स्थापना और डेढ़ हजार से अधिक कृषि प्रसंस्करण इकाइयों का जिक्र यह बताता है कि कृषि ढांचे को समग्र रूप से देखा जा रहा है.

कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट दिखा कि तकनीक केवल बड़े निवेशकों के लिए नहीं, बल्कि किसान हित के केंद्र में रखी जा रही है. दलहन उत्पादन, मॉडल जिले, बीज वितरण, दिन में बिजली, बोनस खरीद और पशुधन योजनाओं का जिक्र इसी दिशा को मजबूत करता दिखा.

उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए अवसर

एग्री स्टार्टअप्स को लेकर माहौल विशेष रूप से उत्साहपूर्ण था. स्थानीय रोजगार, ग्रामीण उद्यमिता और कृषि आधारित नवाचारों को निवेश से जोड़ने की बात कई प्रतिनिधियों ने उठाई. यही वह बिंदु था जहां यह आयोजन पारंपरिक सरकारी सम्मेलन से आगे बढ़ता नजर आया.

GRAM 2026 Investor Meetआंखों देखा निष्कर्ष: बदलती कृषि सोच का संकेत

इस आयोजन(GRAM 2026 Investor Meet)  को करीब से देखने पर सबसे बड़ा संदेश यही उभरा कि खेती की बातचीत अब केवल समर्थन मूल्य या उत्पादन तक सीमित नहीं रही. अब चर्चा ड्रोन, डिजिटलीकरण, जल दक्षता, निर्यात, प्रोसेसिंग और निवेश पर है.

दिल्ली की इस इन्वेस्टर मीट ने जयपुर में होने वाले GRAM-2026 की गंभीरता और संभावनाओं की झलक दे दी है. अगर यहां बनी सोच धरातल पर उतरती है, तो यह आयोजन राजस्थान ही नहीं, देश की कृषि दिशा तय करने वाला मंच बन सकता है.

‘सशक्त किसान-समृद्ध भारत’ की ओर एक कदम

सम्मेलन से लौटते हुए यह एहसास मजबूत था कि यह केवल सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि कृषि को नई आर्थिक शक्ति के रूप में देखने की कोशिश है. यदि किसान, तकनीक और निवेश का यह त्रिकोण व्यवहार में सफल हुआ, तो ‘सशक्त किसान-समृद्ध भारत’ का विजन जमीन पर उतरता दिख सकता है.

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