Union Budget: खेती देश की अर्थव्यवस्था का आधार है. खेती की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलने में यदि सरकार का सहयोग मिलें और नवीन तकनीकों का ज्ञान किसानों के लिए सुलभ हो तब ही किसान भी समृद्ध होंगे और खेती देश की अर्थव्यवस्था की डोर भी थामती रहेगी. इसमें सरकार किसानों के बारे में सोच रही है या नहीं, ये गहराई से समझने के लिए जरूरी होता है ये जानना कि, देश के सालाना बजट में किसानों के लिए क्या ख़ास पेशकशें की गई हैं. वर्ष 2026 में कब पेश हो सकता है बजट (Union Budget) और इस बार किसानों के लिए क्या हो सकता है ख़ास, जानने के लिए पढ़ें यह लेख –
कब पेश होगा बजट
क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, बजट रविवार 1 फरवरी को पेश करेंगी? यह प्रश्न ही अपने आपमें उत्तर की संभावनाएं दिखा रहा है क्योंकि साल 2017 से भारत में केंद्रीय बजट (Union Budget) हर साल 1 फरवरी को पेश किया जाता है. इस तारीख को इसलिए चुना गया ताकि बजट मार्च के अंत तक संसद से मंजूरी प्राप्त कर सके और नया वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से लागू हो. आपको बता दें कि, पहले बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश होता था, जिससे सरकार को नए वित्तीय वर्ष के लिए वोट ऑन अकाउंट लाना पड़ता था.
इस वर्ष 1 फरवरी को रविवार है, जिससे सवाल उठता है कि क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार बजट रविवार को पेश करेंगी. मीडिया एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यदि संसदीय परंपराओं का पालन हुआ, तो बजट 1 फरवरी 2026 को ही पेश किया जा सकता है. हालांकि, अंतिम निर्णय कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स द्वारा लिया जाएगा.
कृषि और किसानों के लिए क्या होगा ख़ास
इस साल के बजट में किसानों और कृषि क्षेत्र का खास ध्यान रखा जाएंगा, ऐसी संभावना है. विशेषज्ञों का मानना है कि किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) के लिए आवंटित राशि बढ़ सकती है और डिजिटल कृषि मिशन को आगे बढ़ाने के लिए नए कदम उठाए जा सकते हैं. बजट 2026 के फैसले देश के करोड़ों किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के भविष्य को सीधे प्रभावित करेंगे. आइए विस्तार से समझते हैं कि इस साल कृषि क्षेत्र में क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
पीएम किसान योजना में संभावित बदलाव
PM किसान सम्मान निधि योजना भारत के किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय समर्थन योजनाओं में से एक है. इस योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में प्रति वर्ष तीन किस्तों में कुल 6,000 रुपये जमा किए जाते हैं. हालांकि लंबे समय से किसानों और कृषि विशेषज्ञों की मांग है कि इस राशि को बढ़ाया जाए.
यदि सरकार इस बजट में वार्षिक सहायता राशि बढ़ाने का निर्णय करती है, तो बजट आवंटन भी काफी बढ़ जाएगा. इससे किसानों की आय में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
पिछले वर्षों का रिकॉर्ड
• वित्त वर्ष 2024-25 में आरंभिक बजट: 60,000 करोड़ रुपये
• बाद में बढ़ाकर: 63,500 करोड़ रुपये
• वित्त वर्ष 2023-24 में खर्च: 61,440.74 करोड़ रुपये
• पिछले दो वर्षों में कुल वृद्धि: लगभग 2,059.26 करोड़ रुपये
इससे स्पष्ट होता है कि सरकार किसानों के कल्याण को उच्च प्राथमिकता दे रही है और लगातार आवंटन बढ़ा रही है.
डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और हाईटेक खेती
डिजिटल कृषि मिशन (Digital Agriculture Mission) किसानों को तकनीकी और डिजिटल साधनों के माध्यम से खेती में मदद करता है. इस मिशन के तहत Agri Stack, DSS और Soil Profile Map जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है.
इस मिशन के प्रमुख फायदे-
• किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है.
• फसल प्रबंधन और सटीक उत्पादन अनुमान संभव है.
• किसानों को क्रेडिट, बीमा और डिजिटल मार्केटप्लेस तक आसान पहुँच मिलती है.
• वर्चुअल क्लासरूम के माध्यम से उन्नत खेती के तरीके सीखने की सुविधा दी जाती है.
सरकार इस मिशन के लिए अधिक बजट आवंटित कर सकती है, ताकि डिजिटल कृषि को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सके.
बजट में कृषि क्षेत्र के अन्य प्रमुख पहलू
• सटीक फसल डेटा और सर्वेक्षण – खरीफ 2025 में डिजिटल फसल सर्वे के माध्यम से 604 जिलों में 300 लाख प्लॉट का डेटा इकट्ठा किया गया.
• कृषि तकनीक और प्रशिक्षण – किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और वर्चुअल क्लासरूम के जरिए उन्नत खेती के तरीके सीखने का अवसर.
• उपकरण और इनपुट्स की उपलब्धता – यूरिया, बीज और अन्य कृषि इनपुट्स समय पर उपलब्ध कराना.
• ग्रामीण विकास और कृषि नवाचार – ग्रामीण क्षेत्रों में खेती को आधुनिक बनाने और आय बढ़ाने के लिए निवेश.
पीएम किसान योजना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर
अगर सरकार इस बजट में पीएम किसान योजना की राशि बढ़ाती है, तो यह सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का काम करेगा. साथ ही किसानों के लिए नई योजनाएँ और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है.
विशेषज्ञों का अनुमान-
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस बार के बजट में सरकार का फोकस किसानों की आय में वृद्धि, कृषि क्षेत्र में टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाना, ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता लाना और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों की सटीक डेटा और संसाधनों तक पहुँच हो सकें यह सुनिश्चित करना भी हो सकता है.
केंद्रीय बजट 2026 (Union Budget) किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा. PM किसान योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और हाईटेक खेती के लिए बढ़ते बजट के साथ सरकार किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. इस बजट के फैसले न केवल किसानों के जीवन को प्रभावित करेंगे, बल्कि देश के कृषि क्षेत्र में सतत विकास और तकनीकी उन्नति को भी बढ़ावा देंगे.





