Weed Protection: ज्यादातर किसान जुताई, रोपाई और सिंचाई पर तो काफी मेहनत, समय और पैसा खर्च करते हैं, लेकिन पौधों को खरपतवारों से बचाने के कोई खास इंतजाम नहीं करते हैं.

खरपतवारों की सफाई यानी निराईगुड़ाई को वे काफी हलके ढंग से लेते हैं, जबकि उम्दा और ज्यादा पैदावार के लिए खरपतवारनाशक दवाओं और उन के इस्तेमाल की पूरी जानकारी होना जरूरी है.

गेहूं के खेत की सफाई : गेहूं की फसल को खरपतवार से बचाने के लिए पहली सिंचाई के बाद घासपात साफ कर दें. इस के खेत में बथुआ, भांग, कटैया जैसे खरपतवार पाए जाते हैं. ऐसे घासपात से बचाव के लिए दवाओं का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.

बोआई के 25-30 दिनों के बाद 1 किलोग्राम आईसोप्रोटूरान को 600 से 700 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करने से संकरी पत्ती वाले खरपतवारों से फसल को बचाया जा सकता है. 800 ग्राम 2/4 डी को 700 लीटर पानी में मिला कर पहली सिंचाई के बाद इस्तेमाल करने से चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों का सफाया हो जाता है.अगर गेहूं की फसल के साथ राईसरसों व दलहन की मिश्रित खेती की गई हो तो 2/4 डी दवा का इस्तेमाल कतई न करें.

मक्के के खरपतवार: मक्के के पौधों को लगाने के दूसरे दिन ही खरपतवारनाशक दवा की 2 ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी में मिला कर जमीन की सतह पर समान रूप से छिड़कें. अगर खेत में खरपतवारनाशक दवा का इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो वहां मक्के के पौधों की कतारों के बीच खुरपी से निराई कर लेनी चाहिए.

दलहनों के खरपतवार दलहनी फसलों में चने की निराईगुड़ाई पौधों को रोपने के 3 हफ्ते बाद कर देनी चाहिए. राजमा की बोआई के 2 हफ्ते के बाद खरपतवारों को साफ करना जरूरी है. खुरपी के जरीए खरपतवारों को साफ किया जा सकता है. लेकिन दूसरी निराई हाथ से ही की जानी चाहिए. मटर को 1 या 2 निराईगुड़ाई की जरूरत होती है.मसूर की फसल को भी 1-2 निराईगुड़ाई की जरूरत होती है.

आलू की निराईगुड़ाई: खुरपी या ट्रैक्टर से चलने वाले स्प्रिंग लाइन कल्टीवेटर से आलू के खेत से खरपतवारों को साफ कर देना चाहिए. आलू के खेत से घासपात की सफाई बोआई के 25-30 दिनों के बाद कर देनी चाहिए. खरपतवार निकालने के बाद प्रति हेक्टेयर 70 किलोग्राम नाइट्रोजन को खेतों में डाल कर मिट्टी चढ़ा देनी चाहिए. खरपतवार नियंत्रक दवा आक्सीफ्लोरोफेन (गोल) की 0.5 लीटर मात्रा को 1000 लीटर पानी में घोल कर प्रति हेक्टेयर की दर से अंकुरण से पहले छिड़काव करें.

प्याज के खेत की सफाई: प्याज के खेत की निराईगुड़ाई करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि प्याज की जड़ें ज्यादा गहरी नहीं होती हैं, इसलिए ज्यादा गहराई तक निराईगुड़ाई नहीं करनी चाहिए.

1 लीटर गोल या 3.5 लीटर स्टांप नाम की दवा को 800 लीटर पानी में घोल कर प्रति हेक्टेयर की दर से रोपाई के 3 दिनों बाद छिड़काव करने से खरपतवार खत्म हो जाते हैं. दवा छिड़कने के 40-45 दिनों बाद हाथ से भी खरपतवारों को साफ कर देना चाहिए. अच्छी फसल के लिए कम से कम 3 बार खरपतवारों की सफाई जरूरी है.

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